एक ब्लॉग सबका में आप सभी का हार्दिक सुवागत है!

आप भी इसमें शामिल हो सकते हैं!

यह ब्लॉग समर्पित है "सभी ब्लोग्गर मित्रो को"इस ब्लॉग में आपका स्वागत है और साथ ही इस ब्लॉग में दुसरे रचनाकारों के ब्लॉग से भी रचनाएँ उनकी अनुमति से लेकर यहाँ प्रकाशित की जाएँगी! और मैने सभी ब्लॉगों को एकीकृत करने का ऐसा विचार किया है ताकि आप सभी ब्लोग्गर मित्रो खोजने में सुविधा हो सके!

आप भी इसमें शामिल हो सकते हैं

तो फिर तैयार हो जाईये!

"हमारे किसी भी ब्लॉग पर आपका हमेशा स्वागत है!"



यहाँ प्रतिदिन पधारे

महादेव लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
महादेव लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

बुधवार, 28 मार्च 2012

एक बाल गीत ...शिवजी...डा श्याम गुप्त....

नाग गले में लिपटे रहते,
चन्दा माथे पर जिनके।
जटाजूट में गंगा बहती,
है त्रिशूल कर में उनके।

नेत्र तीसरा है मस्तक पर,
नीला कंठ सुहाया है ।
कटि पर बस मृगछाला बांधे,
तन पर भष्म रमाया है ।

बच्चो! ये भोले शंकर हैं,
शिव-शंभू भी कहलाते ।
देवों के भी देव हैं इससे,
महादेव बोले जाते ।

अर्थ ये लिपटे नागों का है,
दुष्टों को बस में करते  ।
फिर भी शीतल रहे ह्रदय, वे-
चन्दा माथे पर रखते ।

जग के कष्टों का विष पीकर,
नीलकंठ बन जाते हैं ।
सत तम रज का त्रिशूल थामे,
प्रेम की गंगा बहाते हैं ।।
 
 
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

लिखिए अपनी भाषा में

मेरी ब्लॉग सूची