आध्यात्मिक अभ्यास के लिये जीवन के सर्वश्रेष्ठ समय के बारे में महाराज जी
कहते हैं।
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*हम हमेशा ज़िन्दगी का वह वक़्त भगवान को देने की कोशिश करते हैं, जो और किसी
काम का नहीं होता। जब हमारा समाज, हमारी औलाद, दोस्त और रिश्तेदार हमसे किनारा
कर...
1 हफ़्ते पहले
समाज में जो होता है अधिकतर लेखन उसी पर आधारित होता है कल्पना के पंख लेखन में और जान दाल देते हैं |
जवाब देंहटाएंआशा
सही कहा आशा जी...धन्यवाद.....
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