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रविवार, 1 अप्रैल 2012

श्री राम ...बाल गीत ....डा श्याम गुप्त

धनुष वाण काँधे पर धारे,
मोहक कोमल श्यामल छवि ।
रघुपति राघव नीति विधायक ,
कुल देवता तेजमय रवि ।।

दशरथ नंदन, कौशल्या सुत,
गले में वैजयंती माला ।
जनक नंदिनी के स्वयंबर में,
शिव का धनुष तोड़ डाला ।।

नील कमल सम शोभित लोचन,
रघुकुल तिलक कहे जाते ।
बच्चो! ये भगवान राम हैं,
राजा राम भी कहलाते ।

वन अंचल को दुष्ट जनों से,
निर्भय करने की ठानी ।
वन वन घूमे कष्ट सहे नित,
हार नहीं लेकिन मानी ।

सीता हरण किया रावण ने ,
निज अभिमान दिखाया था ।
कुल के सहित नाश करने हित,
सागर-सेतु बनाया था ।

दक्षिण सागर तट पर शिव का ,
ज्योतिर्लिंग सजाया था ।
इसीलिये वह पावन स्थल,
रामेश्वरम कहाया था ।।




28 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर....
    सरल सहज रचना...बच्चों के लिए उपयुक्त.
    रामनवमी की शुभकामनाएँ.
    सादर

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. धन्यवाद एक्सप्रेशन जी...आपके एक्सप्रेशन के लिये आभार .....जय श्री राम.....

      हटाएं
  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...
    आपकी यह प्रविष्टि कल दिनांक 2-04-2012 को सोमवारीय चर्चामंच पर लिंक की जा रही है। सूचनार्थ

    जवाब देंहटाएं
  3. आत्मा तृप्त हुई ।
    शुभकामनायें ।।
    dineshkidillagi.blogspot.com
    dcgpthravikar.blogspot.com
    neemnimbouri.blogspot.com

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. धन्यवाद रविकर....राम स्वयं परम आत्मा हैं....आत्मा तो प्रसन्न होनी ही चाहिये....

      हटाएं
  4. उत्तर
    1. धन्यवाद सवाई सिन्ग जी....आपको भी राम नवमी की शुभ कामनायें..

      हटाएं
  5. रामनवमी की बधाई ,बच्चों के लिए सुंदर व् ज्ञानवर्धक रचना

    जवाब देंहटाएं
  6. सुन्दर गीत है भाई साहब कथात्मक शैली में .

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. धन्यवाद बीरू भाई जी..... कलापक्ष पर टिप्पणी हेतु.... बच्चों के लिये ....मेरे विचार में कथ्यात्मक, अभिधा शैली ही सहज़ सम्प्रेष्य रहती है...आभार...

      हटाएं
  7. सुंदर गीत....
    श्री राम नवमी की सादर बधाईया

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. आपको भी बधाइयां हबीब जी...

      हबीब = शुद्ध सोने का एक तोले वाला रुपया ..

      हटाएं
  8. वन अंचल को दुष्ट जनों से,
    निर्भय करने की ठानी ।
    वन वन घूमे कष्ट सहे नित,
    हार नहीं लेकिन मानी ।
    new

    जवाब देंहटाएं
  9. धनुष वाण काँधे पर धारे,
    मोहक कोमल श्यामल छवि ।
    रघुपति राघव नीति विधायक ,
    कुल देवता तेजमय रवि ।।

    दशरथ नंदन, कौशल्या सुत,
    गले में वैजयंती माला ।
    जनक नंदिनी के स्वयंबर में,
    शिव का धनुष तोड़ डाला ।।

    बहुत खूब पंक्तियाँ

    जवाब देंहटाएं

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