असली ताकत ऊँची आवाज़, रौब या दिखावे में नहीं, बल्कि..
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कभी-कभी इंसान को जरूरत से ज्यादा महत्व और तारीफ मिलने लगे तो वह अपनी असली
हैसियत भूलकर खुद को दूसरों से बड़ा समझने लगता है। यही कारण है कि हर किसी को
खु...
1 दिन पहले

आदरणीय डा श्याम गुप्तजी
जवाब देंहटाएंआप को "सुगना फाऊंडेशन मेघलासिया जोधपुर" , "राजपुरोहित समाज", आज का आगरा और "एक ब्लॉग सबका" की तरफ़ से हार्दिक बधाई ! बहुत बहुत बधाई ! बारम्बार बधाई ! मन से बधाई ! अंतर्मन से बधाई ! दिल से बधाई ! तहेदिल से बधाई ! और आपको सफलता की चरम ऊँचाइयों पर ले जाएँ.. ऐसी कामना... सवाई सिंह
आमंत्रण के लिए आभार..!
जवाब देंहटाएंधन्यवाद ...
जवाब देंहटाएंabhar
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