असली ताकत ऊँची आवाज़, रौब या दिखावे में नहीं, बल्कि..
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कभी-कभी इंसान को जरूरत से ज्यादा महत्व और तारीफ मिलने लगे तो वह अपनी असली
हैसियत भूलकर खुद को दूसरों से बड़ा समझने लगता है। यही कारण है कि हर किसी को
खु...
4 हफ़्ते पहले
उत्कृष्ट प्रस्तुति गुरूवार के चर्चा मंच पर ।।
जवाब देंहटाएंबहुत सुन्दर ..
जवाब देंहटाएंवाह....
जवाब देंहटाएंबहुत सुन्दर....
आभार.
अनु
बहुत सुन्दर:-)
जवाब देंहटाएंबेहतरीन प्रस्तुति,,,
जवाब देंहटाएंरक्षाबँधन की हार्दिक शुभकामनाए,,,
RECENT POST ...: रक्षा का बंधन,,,,
धन्यवाद धीरेन्द्र जी....जय हिन्दी जय नागरी...
हटाएंबेहतरीन !
जवाब देंहटाएंधन्यवाद सुशील जी .....
हटाएंधन्यवाद रीना जी, कनेरी जे, रविकर व एक्सप्रेशन जी...आभार ..
जवाब देंहटाएं--हिन्दी की यह रेल न जाने चलते चलते क्यों रुक जाती....
धन्यवाद रीना जी, कनेरी जे, रविकर व एक्सप्रेशन जी...आभार ..
जवाब देंहटाएं--हिन्दी की यह रेल न जाने चलते चलते क्यों रुक जाती....