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बुधवार, 5 दिसंबर 2012

ब्लॉग परिचय ''मेरी कलम मेरे जज़्बात ''

न शेर ओ शायरी की अक्ल , न गीत ओ गज़ल की समझ . न ही कविता रचने का शऊर, न नज़्म गढ़ पाने का माद्दा . बस कुछ शब्द टूटे फूटे से, कुछ भाव अनबूझे-अनकहे से. जुबां पर लाने की जुर्रत में , ख्वाब कितने ही फिसल छूटे. कहीं कल्पना की अधूरी - सी उड़ान कहीं असलियत का अधसिला जामा किसे पकडें, किसे छोड़े की कशमकश में लिख भी नही पाती ''मेरी कलम मेरे जज़्बात ''


''मेरी कलम मेरे जज़्बात''  का परिचय 

इन जज़्बात के साथ शुरू होता है ''मेरी कलम मेरे जज़्बात  '' का सफ़र.जी हाँ आज मै आपको एक बहुत ही खुबसूरत ब्लॉग मेरी कलम मेरे जज़्बात का परिचय करवा रहा हूँ.जिसे एक ऐसी लेखिका ने अपनी उर्दू नज्मो से सजाया है ,जिन्होंने बाकायदा उर्दू की तालीम भी नही ली.लेकिन आपको ''मेरी कलम मेरे जज़्बात  '' का सफ़र करके यही लगेगा की शायद ये किसी उर्दू अदब शायर का लिखा हुआ कोई ब्लॉग है.जो बजाहिर हिंदी में है,लेकिन अपने अन्दर उर्दू भाषा के बहुत सारे अनमोल अशआर लिए.उपर जो आपने पढ़ा ये लेखिका के अपने जज़्बात हैं.लेकिन आपको इनके नगमात पढ़कर ये नही लगेगा की इन अलफ़ाज़ में कोई सच्चाई भी है.मै पहली बार अपनी किसी पोस्ट पर इनका कमेन्ट देख कर इनके ब्लॉग पर पहुंचा.और जब मैंने वहां पर उर्दू में अशआर देखे तो मै हैरान रह गया.उर्दू रचनाओं में दिलचस्पी होने के कारण मै बड़ा आकर्षित हुआ.और उस दिन से इसका फेन बन गया.तब से यहाँ जाकर उर्दू नज्मो को पढने का सिलसिला जारी है.

''मेरी कलम मेरे जज़्बात '' का प्रमोशन 

इस ब्लॉग पर बहुत कुछ ऐसा देखा जिससे मुझे ये अहसास हुआ की इस ब्लॉग पर हाथ रखना चाहिए.इसका प्रमोशन करना चाहिए.क्यूँ की ब्लॉग जगत में मेरा ये गुमान है की मेरे पोस्ट्स लोग काफी दिलचस्पी के साथ पढ़ते हैं.इसका मुझे बाकायदा तज़र्बा भी रहा है.अब तक जिन जिन ब्लोग्स के नाम मैंने पोस्ट्स लिखी है उनका ब्लॉग ट्राफिक भी पहले से बढ़ा है ,और उनके फोलोवर्स भी बढे.इसकी मिसाल आप ''मास्टर्स टैक '' या ''ऑनलाइन एज्युकेशन ब्लॉग ''और दुसरे कुछ ब्लोग्स देख सकते हैं.इस साल मोहब्बत नामा से भी ज्यादा विजिटर्स ''मास्टर्स टैक ''पर पहुंचे हैं.इसकी वजह यही है की इसके प्रमोशन के लिए मैंने कुछ पोस्ट्स लिखी थी.और इंडियन ब्लोगर्स वर्ल्ड का रिजल्ट भी सबके सामने है.बहरहाल मेरी कलम मेरे जज़्बात  ब्लॉग को ''शालिनी रस्तोगी ''चला रही हैं.यहाँ इन्होने अपनी मेहनत से अपने जज़्बात को अशआर में सजाकर ब्लॉग का रूप देकर अपने लिखे नगमात को बड़ी ही खूबसूरती के साथ सजाया है.जो की उर्दू नज्मो ग़ज़ल में दिलचस्पी रखने वालों के लिए एक खज़ाना है.मै इनके ब्लॉग से काफी ज्यादा आकर्षित हुआ.और ये उन चंद ब्लोग्स में से एक है जहाँ मेरा अक्सर जाना होता है.बल्कि इनकी हर नयी पोस्ट्स पर मेरा जाना अनिवार्य होता है.कई बार कई बातें ऐसी मिलती हैं जो की दिल को छु जाती हैं.और एक सबसे ख़ास बात ये मैंने देखी की ये विवादास्पद लिखने से बचकर बहुत साफ़ सुथरा लिखती हैं.जिससे हर वर्ग के लोग जुड़ना पसंद करते हैं.हकीकत में कोई भी रचना लेखक की सोच का आइना ही हुआ करती है.ये ''इंडियन ब्लोगर्स वर्ल्ड '' सामूहिक ब्लॉग की सदस्य भी हैं.खैर मै इनके ब्लॉग के बारे में ,और इसको शुरू करने के बारे में ज्यादा नही जानता था.इस बारे में जब शालिनी जी से ईमेल द्वारा पूछा तो उन्होंने जवाबी ईमेल भेजा.जिसका खुलासा कुछ यूँ है.

लेखिका के बारे में 

आपने कुछ आदेश दिया था... बस वही पूरा करने का प्रयास कर रही हूँ
आमिर जी , मैं अपने जीवन के चालीसवें दशक में प्रवेश कर रही एक विवाहित महिला व दो बच्चों की माँ हूँ जिसकी प्राथमिकता आज भी पति और बच्चों का ध्यान रखना है........ उत्तर प्रदेश के  एक छोटे से जिले रामपुर से हूँ जो कभी एक  नवाबी रियासत हुआ करती थी... बातचीत में थोड़ी लखनवी नजाकत और नफासत अपने आप ही आ गयी... उर्दू कि कोई तालीम कभी नहीं ली.. शिक्षा दीक्षा भी वही गवर्नमेंट कॉलेज से हुई ..मनोविज्ञान में एम. ए. और बी.एड.... पढ़ाई में होशियार नहीं थी ...हाँ पढाने का शौक बहुत छोटे पन से रहा.. मुझे याद है कि धर्मयुग की वे कहानियां सही से समझ में न आने पर भी उन्हें पढ़े बिना चैन नहीं आता था ... फिर शौक लगा ग़ज़लों का...टीवी पर गज़लें सुनकर साथ साथ उन्हें लिखा करती थी ... एक पूरी डायरी बना ली  थी अपनी...कभी कुछ ऐसे ही २-४ बार लिखा भी... पर किसी को कभी दिखाया भी नहीं..... फिर पढ़ाई पूरी होते न होते शादी की बात चलने लगी ...हमारे यहाँ लडकियों को पढाने का एक ही मकसद हुआ करता था.. कि अच्छा रिश्ता मिल जाए बस... बी.एड. पूरा भी नहीं हुआ था कि रिश्ता और २० पूरे होते न होते शादी हो गई ... फिर  दो बच्चे.

लेखन की शुरुआत 

घर के काम में कहाँ साहित्य और कहाँ लिखना .... फिर बच्चे स्कूल जाने लगे और मैं घर पर खाली.... सोचा कुछ काम किया जाए ... पतिदेव को मनाया ..और शिक्षण कार्य आरम्भ कर दिया.... डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल गुडगांव में हिंदी अध्यापिका के रूप में ... अब कभी कुछ प्रतियोगिता के लिए तो कभी किसी और कारण से लिखना पडता था.... स्कूल पत्रिका में रचनाएँ छपी तो ..सबने कहा ..तुम अच्छा लिखती हो .. मन मे एक उम्मीद सी जगी और दोबारा यदा कदा  कुछ शब्द डायरी में सहेजने शुरू किए... ब्लॉग ले बारे में सुना तो था पर पाता नहीं था कि यह क्या होता है कैसे बनाता है... स्कूल में शिक्षा में तकनीक के प्रयोग से सम्बंधित कार्यशाला में ब्लॉग व वेब पेज बनाना सीखे..सबने ब्लॉग की तारीफ़ की तो हिम्मत बढ़ी ... कुछ कवितायें ब्लॉग पर डालीं तो अपने कुछ मित्रों ने प्रशंसा करके उत्साह बढ़ाया... कुछ भी पता नहीं था कि कैसे कैसे ब्लॉग को आगे बढ़ाया जाए... बस कुछ ब्लॉगर मित्रों ने ब्लॉग पर आना शुरू किया ...और आप ही जैसे लोगों के समर्थन से ब्लॉग को थोडा आगे तक पहुँचाने में सफल हो पायी ... आज भी नहीं पता की ब्लॉग की लोकप्रियता कैसे बड़ाई  जाए.. अपनी कविताओ को कहीं छपवाने कि हिम्मत आज भी मुझमें नहीं आ पायी है .... बस आप जैसे हमसफ़र मिलते जा रहें हैं और कारवां बढ़ रहा है.

''मेरी कलम मेरे जज़्बात '' ब्लॉग तब से अब तक 

इस ब्लॉग को शुरू करते वक्त शायद लेखिका ने नही सोचा होगा की लेखन का सफ़र इस तरह आगे बढ़ता जायेगा.यहाँ तरह तरह के लोग आयेंगे.इस ब्लॉग को उजागर करने और लोगों के सामने लाने में सामूहिक ब्लोगों की भूमिका भी सराहनीय रही.जिन्होंने समय समय पर इनकी पोस्ट्स को अपनी चर्चा का विषय बनाया.और समय समय पर इन्हें हौंसला दिया ,और आगे बढ़ने और अच्छा लिखने के लिए प्रेरित किया.इस तरह अनुभूति का सफ़र जारी रहा.और आज एक अरसे के बाद ''इंडियन ब्लोगर्स वर्ल्ड '' ने इस ब्लॉग को परिचय के लिए चुना.इस ब्लॉग के अब तक 67 प्रशंशक हैं.और ये कारवां आगे बढ़ता जा रहा है.आज की पोस्ट पढने वालों का भी इस ब्लॉग पर स्वागत है. इंडियन ब्लोगर्स वर्ल्ड की तरफ से शुभकामनायें.

किन्ही तकनिकी कारणों से मै इस ब्लॉग की पोस्ट्स सूची इस पोस्ट के साथ प्रकाशित नही कर पाया.भविष्य में अगर मुमकिन हुआ ,तो इसी पोस्ट में लगा दी जाएगी.



              'मेरी कलम मेरे जज़्बात '' ब्लॉग पर जाने के लिए यहाँ क्लिक करें''


''इंडियन ब्लोगर्स वर्ल्ड ''

''इंडियन ब्लोगर्स वर्ल्ड ''भारतीय ब्लोगर्स का वो सामूहिक ब्लॉग समूह है ,जो ब्लोगिंग टिप्स भी देता है ,और ब्लोगर्स का परिचय भी करवाता है ,और ब्लोग्स का भी परिचय करवाता है ,ब्लोगों का खूब खूब प्रमोशन करता है.और इंडियन ब्लोग्स का अपडेट्स लगाकर ज्यादा से ज्यादा पाठकों को इनके ब्लोग्स तक पहुंचता है.और ब्लोगिंग में हिंदी भाषा को बढ़ावा देने की हर संभव कोशिश करता है.और नए पुराने ब्लोगर्स को ब्लोगिंग की दुनिया के बारे में बारीकियां सिखाता है.और एक कामियाब ब्लॉग बनाने में हर संभव मदद करता है.अगर आपने इंडियन ब्लोगर्स वर्ल्ड सामूहिक ब्लॉग को अभी तक ज्वाइन नही किया तो आज ही ज्वाइन कर लीजिये.इसके सदस्य बन जाइये और ''इंडियन ब्लोगर्स वर्ल्ड '' के साथ जुड़कर अपने ब्लोग्स को भी जन जन तक पहुंचाइये.और अपने ब्लोग्स का प्रमोशन कीजिये.और साथ ही इसकी हर पोस्ट्स को भी इमेल के जरिये प्राप्त करते रहिये.ताकि आपको ब्लोगिंग सम्बंधित जानकारियां मिलती रहें.और ब्लोगिंग टिप्स मिलते रहें.और नयी नयी ब्लोग्स के और नए नए ब्लोगर्स के बारे में भी जानकारियां मिलती रहें.आइये हम सब मिल जुलकर ''इंडियन ब्लोगर्स वर्ल्ड ''को भारतीय ब्लोगर्स का सबसे कामियाब समूह बनाएं.आप भी इसी तरह अपनी ब्लॉग का परिचय करवा सकते हैं.आप अपनी ब्लॉग के बारे में लिख कर हमे ईमेल कर दीजिये.जल्द ही इंडियन ब्लोगर्स वर्ल्ड आपके ब्लॉग  का परिचय भी यहाँ करवाएगा.

ये पोस्ट मैंने सामूहिक ब्लॉग ''इंडियन ब्लोगर्स वर्ल्ड '' के ब्लॉग परिचय कॉलोम में लिखी थी। जिसे आज 
''एक ब्लॉग सबका '' के मंच पर शेयर कर रहा हूँ। 

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                                               ''आमिर दुबई ''

4 टिप्‍पणियां:

  1. बात करें जज्बात की, कदर हृदय से कीन्ह।

    प्रस्तुति में शालीनता, ईश्वर शुभ वर दीन्ह ।

    ईश्वर शुभ वर दीन्ह, नजाकत प्रेम नफासत ।

    रामपूर लखनऊ, मिले हैं हमें विरासत ।

    श्रेष्ठ गजल का ब्लॉग, भावना भरपूर भरें ।

    है बढ़िया शिक्षिका, ध्यान से बात करें ।

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