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    5 सप्ताह पहले

मंगलवार, 26 मार्च 2013

काव्य गोष्ठी

 'हम कलम ' साहित्यिक  व् सांस्कृतिक संस्था की इस मास की  गोष्ठी होलीका पर्व को समर्पित रही । होलिका  उत्सव के उल्लास में डॉ  मृदुला सिन्हा ने बिहार के लोक जीवन में रचे बसे लोक  गीत ' फागुन में बुढवा  देवर लगे ' गुनगुना कर वातावरण को उल्लसित कर  दिया । डॉ वेद  प्रताप वैदिक ने इस अवसर पर सभी उपस्थित साहित्यकारों को अपनी शुभकामनायें प्रदान की । डॉ रमा सिंह ने होली के गीत सुना  कर सब को भाव विभोर कर दिया । व्यंगकार निशा भार्गव  ने अपने चिर परिचित अंदाज में व्यंग पढ़े । डॉ वेद  व्यथित ने रीतिकाल और उत्तर आधुनिक कल के माध्यम से अपना व्यंग प्रस्तुत किया । डॉ सुनीति रावत ,डॉ अमरनाथ अमर ,क्रांति वत्स 'डॉ रश्मि मल्होत्रा डॉ अर्चना त्रिपाठी डॉ  प्रभा किरन  जैन , प्रतिभा जौहरी जनक  सचदेव प्रवेश धवन  आभा कुल श्रेठ  प्रवेश धवन   आदि की  गोष्ठी में सार्थक  उपस्थिति रही  । डॉ संतोष गोयल  गोष्ठी का सफल संचालन किया  ।

डॉ. वेद व्यथित, 

3 टिप्‍पणियां:

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