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मंगलवार, 12 फ़रवरी 2013

श्याम स्मृति ----साहित्य -समाज का इतिहास...डा श्याम गुप्त ..

                        वही साहित्य इतने लंबे समय तक जीवित रहता है जो सत्य के निकट हो अथवा जो सत्य को एवं समाज हेतु आवश्यक तथ्यों को उद्घाटित करता है चाहे वह रचना में वास्तविक हो या कल्पित |   साहित्य वास्तव में है क्या, साहित्य समाज का इतिहास होता है | साहित्यिक कथाओं के पात्र सदैव समाज में होते हैं भले ही कथा में वे कल्पित हों |

2 टिप्‍पणियां:

  1. समाज में जो होता है अधिकतर लेखन उसी पर आधारित होता है कल्पना के पंख लेखन में और जान दाल देते हैं |
    आशा

    उत्तर देंहटाएं

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